CBSE Affiliation No. 1031254 Mandatory Public DisclosureJhalaria Campus North Campus
CBSE Affiliation No. 1031254

माँ की पुकार

सेल्वी कटारिया, Class IX D

बचाओ! बचाओ!
मुझे बचाओ !
धरती माँ कर रही पुकार,
मनुष्यों ने उसे किया लाचार,
फूट-फूट कर वह रो रही है,
पर मनुष्य जाति तो सो रही है !
क्यों ये प्रथ्वी हुई बेचारी,
कूड़े-कचरे की यह मारी,
चारों ओर फैला प्रदूषण,
धुंधले पड़े इसके आभूषण,
वृक्षों को हम काट रहे हैं,
जंगलों को हम बाँट रहे हैं,
कट-कट कर बंट गए पेड़,
हम चरें अकेले जैसे भेड़,
चाहे भूमि हो या हो आकाश,
धरती का हुआ विनाश
हो गई अब वह निराश,
बचाओ! बचाओ!
मुझे बचाओ !
धरती माँ कर रही पुकार,
फिर क्यों हमने किया उसे लाचार?

सेशल जैन, Class IX D

जन्म-जन्मों से धरती माँ ने
तन-मन-धन से हमें पाला है,
परन्तु हमने अपनी माँ को
तडपा तड़पाकर मारा है |
कचरा कूड़ा धुआं प्रदूषण
ने धरती को तड़पाया है,
परन्तु बिना स्वार्थ के धरती ने
हमें पाल-पोस कर बड़ा किया है |
धरती माँ की आवाज़
आज हमें पुकारती है,
दर्द से कराहती यही पुकार
मुझे आश्चर्य से भर जाती है |
क्या हम बच्चों को अपनी
माँ की रक्षा नहीं करनी चाहिए?
यह तो हमारा धर्म है, कर्म है,

जो पूरी क्षमता से करना चाहिए |
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