Author: Anaya Rawat, Class VII D
ये मौसम, ये मेघ, ये नीला आकाश है,
ठंडी हवाएँ और शीतल प्रकाश है |
बरखा आई टप-टप करके, हँसते बादल गाते हैं,
मेंढक दादा टर्र- टर्र बोले, मोर मामा नाचते हैं |
वन में खुश हैं सब पेड़-पौधे, पत्ते धुल कर चमकते हैं,
किसान चाचा बोते बीज हैं, सपने उनके झलकते हैं |
प्रकृति माँ की सुंदर सूरत, अद्भुत उसका दृश्य है,
फलों-फूलों की महक निराली, मन भी कितना प्रफुल्लित है |
समस्याएँ भाग गई दूर, जब ठंडी बूँदें बरसी हैं,
हम बच्चों की छोटी दुनिया, खुशियों से फिर सरसी हैं |